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“ दान द्वारा अपने रोगियों का इलाज करो।”

“ दान द्वारा अपने रोगियों का इलाज करो।”

“ दान द्वारा अपने रोगियों का इलाज करो।”

यह बहुत ही अजीब कहानी है जिसकी पुष्टि अल्लाह और उसके रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर ईमान रखने वाला ही कर सकता है ..

राजधानी रियाज़ के शहर हरीमला के मेरे एक दोस्त ने बताया कि इसी शहर की एक महिला ब्लड कैंसर की रोगी थी, अल्लाह इससे हमें सुरक्षित रखे। उसे देखभाल की जरूरत को लेकर एक इंडोनेशिया की सेविका को बुलाया गया, महिला दीनदार और अच्छे अख़लाक़ की थी, लगभग सेविका के एक सप्ताह गुजरने के बाद महिला ने महसूस किया कि सेविका बाथरूम में बहुत देर तक बैठती है और बार-बार बाथरूम में जाती है।

एक बार महिला ने सेविका से बहुत देर तक बाथरूम में बैठने का कारण पूछा तो सेविका फूट फूट कर रोने लगी और कहा कि मैंने बीस दिन पहले एक बच्चा जना है, जब मुझे इंडोनेशिया में मकतब द्वारा फोन आया तो मैंने अवसर को गनीमत समझा और काम के लिए आ गई कि मेरी आर्थिक स्थिति बहुत खराब चल रही थी, और बाथरूम में मेरे बहुत देर तक रहने के कारण यह है कि मेरा सीना दूध से भरा होता है, बाथरूम में बैठकर दूध निचोड़ कर हल्का करती हूँ, जब महिला को सेविका की स्थिति की जानकारी हुई तो उसने तुरंत इंडोनेशिया की एक करीबी उड़ान में जगह बुक करा दिया और टिकट खरीद कर अगले दो साल तक का वेतन देते हुए उससे कहा कि जाओ तुम दो वर्ष तक बच्चे को दूध पिलाना और उसका ख्याल रखना .. दो साल बाद तुम हमारे पास आ सकती हो .. वापसी की इच्छा हो तो मेरा यह फोन नंबर पर फोन कर देना।

सेविका की यात्रा के बाद कैंसर की जांच की तारीख आई, जब रक्त की जांच की गई तो बड़ा आश्चर्य हुआ कि ब्लड कैंसर का कोई वजूद नहीं दिखाई दे रहा है,  डॉक्टर ने फिर जांच करने का आदेश दिया, यहां तक कि कई बार जांच किया गया परिणाम एक ही था.. डॉक्टर को बीमारी से शिफा पर बड़ा आश्चर्य हुआ, तब अल्ट्रासाउंड किया गया तो पता चला कि कैंसर की दर बिल्कुल शून्य है। उस समय डॉक्टर को पूरी तरह से शिफा का एहसास हुआ। डॉक्टर ने महिला से पूछा कि क्या इलाज किया? महिला का जवाब था हज़रत अबू उमामा रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया:

 دَاوُوا مَرضاكُمْ بِالصَّدقةِ   – صحيح الجامع: 3358

दान द्वारा अपने रोगियों का इलाज करो। (सहीहुल जामिअः 3358)  

यह किस्सा वास्तविक है जिसे बताने वाले भरोसेमंद और नेक लोग हैं।

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