रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की संतान

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नबी (सल्ल) के संतान के प्रति संछिप्त में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी गइ है।

 

रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की सारी संतान ख़दीजा (रज़ियल्लाहु अन्हा) से पैदा हुईं, सिवाए इबराहीम के, निम्न में उनका संछिप्त वर्णन किया जा रहा है:

1-  अल-क़ासिमः  यह रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम)  की संतान में सब से बड़े थे। इनके नाम से ही आप (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की कुन्नियत अबुल क़ासिम थी। दो वर्ष की आयु में इनका देहांत हो गया।

2-  ज़ैनब (रज़ियल्लाहु अन्हा):  यह रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की सब से बड़ी पुत्री थीं। अल्लाह को मानने के कारण पीड़ित हुईं  तो रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमायाः यह मेरी सब से प्रतिष्ठित पुत्री है। क़ासिम के बाद पैदा हुईं और अबूल-आस़ (रज़ियल्लाहु अन्हु)  से विवाह हुआ, वह उनकी मौसी हाला बिन्ते ख़ुवैलिद का बेटा था। ज़ैनब को एक बेटा हुआ जिसका नाम अली था और बेटी जिसका नाम उमामा रखा गया था। इन्हीं को रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) नमाज़ में अपने कंधे पर उठाए होते थे। ज़ैनब (रज़ियल्लाहु अन्हा) का मदीने में सन आठ हिजरी के आरंभ में देहांत हुआ ।

3- रुक़ैय्या (रज़ियल्लाहु अन्हा):  इनका विवाह उसमान बिन अफ्फान (रज़ियल्लाहु अन्हु) से हुआ था। इन से एक बेटा अब्दुल्लाह पैदा हुआ जो 6 वर्ष का हुआ तो एक मुर्गी ने उनकी आँख में चोंच मार दिया जिसके कारण उनका देहांत हो गया। बद्र के युद्ध के समय रुक़ैय्या (रज़ियल्लाहु अन्हा) की मृत्यु हुई ।

4- उम्मे कुल्सुम (रज़ियल्लाहु अन्हा):  रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम)  ने इन का विवाह रुक़ैय्या के देहांत के बाद उस्मान बिन अफ्फान (रज़ियल्लाहु अन्हु) के साथ कर दिया था। इन से कोई औलाद नहीं हुई । शाबान सन् 9 हिजरी में इन का देहांत हो गया । इन्हें बक़ीउल-गर्क़द में दफ़न किया गया।

5- फ़ातिमा (रज़ियल्लाहु अन्हा):  यह रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की सब से छोटी और सब से चहेती बेटी थीं। यह जन्नती महिलाओं की सरदार हैं। रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने बद्र के युद्ध के बाद अली बिन अबी तालिब (रज़ियल्लाहु अन्हु) के साथ इनका विवाह किया। इनको दो बेटे हसन (रज़ियल्लाहु अन्हु) और हुसैन (रज़ियल्लाहु अन्हु) और दो बेटियाँ ज़ैनब और उम्मे-कुल्सुम हुईं। उम्मे-कुल्सुम से उमर बिन खत्ताब ने शादी की थी। इन से ही ज़ैद का जन्म हुआ। उमर बिन खत्ताब की मृत्यु के बाद औन बिन जाफर से उनकी शीदी हुई। औन की मृत्यु के बाद उन के भाई मुहम्मद ने उन से विवाह कर लिया और मुहम्मद की मृत्यु के बाद उन के भाई अब्दुल्लाह ने इन से विवाह कर लिया, उन्हीं के पास इनका देहान्त हुआ। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की मृत्यु के 6 महिने बाद फातिमा (रज़ियल्लाहु अन्हा) का देहांत हो गया।

उपर बयान किए गए पाँचो औलाद की पैदाइश नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को नबी बनाए जाने से पहले हुआ।

6- अब्दुल्लाहः  कहा जाता है कि इन का जन्म इस्लाम में हुआ और बचपन में ही इन का देहांत हुआ। यह खदीजा (रज़ियल्लाहु अन्हा) की सब से छोटी संतान थे।

7- इब्राहीमः  मदीने में मारिया क़िब्तिया से जुमादिल ऊला या जुमादिल आखिर सन् 9 हिजरी में पैदा हुए, और 29 शव्वाल सन् 10 हिजरी में इनका देहांत हुआ, उस दिन मदीना में सूर्य ग्रहण था। देहांत के समय16 या 18 महीने के थे। बक़ीअ में इनको दफ़न किया गया।

रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उनके बारे में कहाः

لما تُوفِّيَ إبراهيمُ- عليه السلام – قال رسولُ اللهِ -صلى الله عليه وسلم- : إن له مُرْضِعًا في الجنَّةِ . ( صحيح البخاري: 1382

“ निःसंदेह उन के लिए जन्नत में एक दूध पिलाने वाली है।”   (सही बुखारीः 1382)

 

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