अंधेरे से उजाले की ओर

अंधेरे से उजाले की ओर

उत्तर प्रदेश के मुहम्मद  जिनका पुराना नाम मल्का बर्जी पट्टी हैं कुवैत में एक घर में काम करने आए ...

मैं ने इस्लाम क्यों क़ुबूल किया ?

मैं ने इस्लाम क्यों क़ुबूल किया ?

अल्लाह के नाम से शुरू करता हूँ जो बहुत दयावान और अत्यन्त कृपालु है। मेरा नाम इबराहीम (पुर्व नाम ...

इस्लाम स्वीकार करने के बाद का अनुभव

इस्लाम स्वीकार करने के बाद का अनुभव

रिज़वान भाई के इस्लाम स्वीकार करने के दो महीने बाद मैं ने उन से प्रश्न किया ? अब आप इस्लाम स्वी ...

किस्सा एक पुजारी का

किस्सा एक पुजारी का

  एक व्यक्ति के तीन बेटों ने मुर्ति-पूजा छोड़ कर एक ईश्वर की पूजा शुरू कर दी थी। पिती मुर्तियों ...

मुर्दे को दफन करने आए थे लेकिन मुर्दे का धर्म अपना लिया

मुर्दे को दफन करने आए थे लेकिन मुर्दे का धर्म अपना लिया

हमारे देश भारत की सब से बड़ी विशेषता यह है कि हम अनेकता में एकता का प्रदर्शन करते हैं। आज तक भा ...

मुसलमानों को बहुत सुस्त देखता हूं…

मुसलमानों को बहुत सुस्त देखता हूं…

इस्माईल भाई बिहार की राजधानी पटना में किसी कम्पनी में कर्मचारी के रूप में काम करते हैं। पहले ईस ...

जब मेरी आखों से आँसू नहीं बहता तो…

जब मेरी आखों से आँसू नहीं बहता तो…

हीरा लाल ( अब्दुर्रहीम) राजिस्थान के नवमुस्लिमों में से एक हैं जिनको अल्लाह ने कुवैत आने के बाद ...

इब्राहीम भाई का बलिदान

इब्राहीम भाई का बलिदान

इस्लाम की सुरक्षा के लिए हर युग में कुफ्र और शिर्क के वातावरण में परवरिश पाने वाले नव मुस्लिम प ...

सुशीला से समीरा बनने तक

सुशीला से समीरा बनने तक

नेपाल के पूर्वी भाग में स्थित मोरंग जिला की रहने वाली 28 वर्षीय महिला ‘सुशीला’ तीन ...

अब्दुल अज़ीज भाई की कहानी ख़ुद उनकी ज़बानी

अब्दुल अज़ीज भाई की कहानी ख़ुद उनकी ज़बानी

भारतीय राज्य पंजाब के हिन्दू परिवार में मेरा जन्म हुआ, लगभग दस साल पहले  रोज़गार की तलाश में कु ...

नव-मुस्लिमों से सम्बन्धित अहकाम (1/1)

नव-मुस्लिमों से सम्बन्धित अहकाम (1/1)

नवमुस्लिम भाईयों से सम्बन्धिक बहुत सारे दीन अहकाम और मसाइल हैं जिन पर चर्चा करने की आवश्यकता है ...

इस्लाम स्वीकार करने के पश्चात पारिवारिक जीवन

इस्लाम स्वीकार करने के पश्चात पारिवारिक जीवन

 जब पति पत्नी एक साथ इस्लाम स्वीकार करें: यदि पति और पत्नी दोंनों एक साथ इस्लाम स्वीकार करें तो ...

अहमद ” लुसियो ” के इस्लाम स्वीकार करने की कहानी

अहमद ” लुसियो ” के इस्लाम स्वीकार करने की कहानी

 सफात आलम मुहम्मद ज़ुबैर तैमी मेरा नाम अहमद फहद (लुसियो सी डो रेगू ) है, में भारतीय राज्य गोवा ...

मैं ने इस्लाम क्यों स्वीकार किया ?

मैं ने इस्लाम क्यों स्वीकार किया ?

मेरा पुराना नाम थोमास पॉवेल और इस्लामी नाम इब्राहीम है. मैं ईसाई धर्म से संबंध रखता था. मेरे पर ...

अंततः वह दाई बन गई

अंततः वह दाई बन गई

शैख नबील अल- अवज़ी  अनुवादः सफात आलम वह एक ईसाई महिला थी, उसने एक मुस्लिम सहेली जो इस्लामी नैति ...

स्वर्ग का पथ

स्वर्ग का पथ

 जौदा अल-फारिस अनुवादः सफात आलम बाबुल भारत से संबंध रखने वाला एक हिन्दू युवक था, ड्राइवर के रूप ...

इस्लाम में मानवता की मुक्ति है

इस्लाम में मानवता की मुक्ति है

शैख़ नबील अल- अवज़ी अनुवाद : सफात आलम तैमी एक दिन मैं IPC में बैठा था,  गर्मी का मौसम था, एक आद ...

मुझे इस्लाम में शान्ति मिली

मुझे इस्लाम में शान्ति मिली

   मैं कभी मूर्ति पूजक था, मूर्ति पूजा में इतना आगे बढ़ा हुआ था कि मूर्तियों की प्रशंसा में हमे ...

इस्लाम में है अमेरिकी रंग-भेद की समस्या का समाधान: मेलकॉम एक्स

इस्लाम में है अमेरिकी रंग-भेद की समस्या का समाधान: मेलकॉम एक्स

( स्रोतः  इस्लामिक वेब दुनिया ) इस्लाम एक प्राकृतिक धर्म है जो मानव बुद्धि के बिल्कुल अनुकूल है ...

RSS के सदस्य ने कैसे स्वीकार किया इस्लाम ?

RSS के सदस्य ने कैसे स्वीकार किया इस्लाम ?

  इस्लाम हवा और पानी के समान सारी मानवता के लिए अल्लाह की ओर से अवतरित एक विश्वव्यापी धर्म ...